Religion

इस मंदिर में लड्डू नहीं, सैंडविच-बर्गर का मिलता है प्रसाद!

भगवान और मंदिर के प्रति बहुत आस्थावान होते हैं और भगवान के दर्शन के लिए मंदिर में जाना अपना सौभाग्य समझते हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही विशेष मंदिर के बारे में बता रहे हैं जहां प्रसाद के रूप ...

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मनुष्य को जगाने के लिए, प्रकृति ने दिए है ये 2 अलार्म

प्रकृति ने हमें सब कुछ दिया है, लेकिन हमने प्रकृति की ओर ध्यान ही नहीं दिया। प्रकृति ने हमें सुबह जागने का अलार्म भी दिया है। यह अलार्म स्वयं मनुष्य को जगाने के लिए मौजूद रहते थे। लेकिन हमने इन्हें ...

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साईं बाबा ने 50 साल पहले, शिरडी के लिए की थी यह भविष्यवाणी

संत कवि श्री दासगणु महाराज ने महाराष्ट्र के संतों के संबंध में ऐतिहासिक जानकारी एकत्र कर उसे काव्यबद्ध किया है। मराठी के लोकप्रिय ओवीबद्ध छंद में उन्होंने संतों का चरित्र चित्रण किया है। श्री दासगणु शिरडी के श्री साईबाबा के ...

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यहां मिले थे प्रभु श्रीराम, हनुमानजी से पहली बार

कर्नाटक का बेल्लारी जिला और यहां का एक छोटा-सा शहर ‘हम्पी’ कभी मध्यकालीन हिंदू राज्य विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था। हम्पी तुंगभद्रा नदी के तट पर स्थित है। यह नगर प्राचीन काल में ‘पंपा’ के नाम से भी ...

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तो इसलिए संन्यासी पहनते है भगवा वस्त्र

रंग सात होते हैं। ये सात रंग इंद्रधनुष में साफ तौर पर देखे जा सकते हैं। वैसे मूल रंग 3 ही होते हैं लाल, नीला, और पीला। इनमें सफेद और काला भी मूल रंग में अपना योगदान देते हैं। यदि ...

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ये वैसाखी मनाने की दो मुख्य वजह

वैशाखी मुख्य। रूप से समृद्धि और खुशी का त्योथहार है। इसके मनाए जाने का मुख्य आधार पंजाबी नववर्ष का प्रारंभ होना है। इस दिन फसलों के पकने और कटने की खुशी में किसानों द्वारा मनाया जाता है। इतिहास में वैशाखी ...

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हनुमान जन्मोत्सव पर ऐसे करे विशेष पूजा, दूर होगी आर्थिक तंगी

भगवान वाल्मीकि जी के अनुसार महाकपि केसरी सुमेरू पर्वत पर शासन करते थे। महाकपि केसरी और अंजनी के पुत्र हनुमान ‘केसरी नंदन’ कहलाए। प्रभु श्री राम के परम भक्त श्री हनुमान जी के आते ही सभी प्रकार के भूत-प्रेत भाग ...

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श्री राम की इन चार बातो में है हर समस्या का हल

भगवान श्रीराम त्रेतायुग में जन्में, श्रीहरि के अवतार थे। श्रीराम के जीवन से काफी कुछ सीखा जा सकता है। उन्होंने त्रेतायुग में जिस तरह की विषम परिस्थितियों में रहकर भी रावण जैसे दानव का संहार किया, तो अयोध्या में रामराज्य ...

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जब स्वामी विवेकानंद को हुए मां काली के दर्शन!

यह बात है सितंबर, 1899 की जब स्वामी विवेकानंद कश्मीर में अमरनाथ जी के दर्शन के बाद श्रीनगर के क्षीर भवानी मंदिर में पहुंचे थे। वहां उन्होंने मां काली का स्मरण ध्यान के जरिए किया। यह समय नवरात्र का समय ...

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तो इसलिए शेर की सवारी करती है मां दुर्गा

शेर की सवारी मां दुर्गा क्यों करती हैं? इस प्रश्न का उत्तर हममे से कई लोग तलाशते होंगे। लेकिन इस प्रश्न का उत्तर छिपा है एक पौराणिक कहानी में, यह कहानी काफी पुरानी है। बात उस समय की है जब ...

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