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गुरुवार 19 जनवरी 2017  

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48 घंटे में खपा दिया 4 टन सोना

नई दिल्ली। बीते 8 नवंबर को केंद्र सरकार की नोटबंदी के बाद कोलधन वालों में किस कदर खौफ फैला था इसका अंदाजा ताजा खुलासे से हो जाता है। नोटबंदी की खबर मिलते ही सिर्फ 48 घंटे में 3 हजार 700 किलो यानी 4 टन सोना बिक गया। यह सोना काले धन को सफेद करने की कोशिश में खरीदा गया था। बिके हुए इस सोने का मूल्य 1,250 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है। यह जानकारी डायरेक्टरेट ऑफ सेंट्रल एक्साइज इंटेलिजेंस (डीजीसीईआई) के सर्वे में सामने आई है।

कालेधन को सफेद करने को खूब खरीदा गया सोना: अधिकारी दावा करते हैं कि 8 नवंबर को ही लगभग दो टन सोना बेचा गया था। इसमें बड़ी मात्रा में काले धन को सफेद कराने का काम किया गया है। दिल्ली के एक बड़े ज्वैलर ने उसी रात 700 लोगों को 45 किलो सोना बेचा था, जबकि एक दिन पहले उसने केवल 820 ग्राम सोना ही बेचा था।

चेन्नई के ज्वैलर ने बेचा 200 किलो सोना: चेन्नई के ललिता ज्वैलर ने 8 नवंबर को एक ही दिन में 200 किलो सोना बेच दिया था। इसके एक दिन पहले उसने केवल 40 ग्राम सोना ही बेचा था। एक्साइज अधिकारियों के अनुसार जयपुर के लावत ज्वैलर का स्टॉक 7 नवंबर को 100 ग्राम था, जो कि 8 तारीख को 30 किलो हो गया था। देशभर में सर्राफा कारोबारियों से पूछताछ के बाद 400 ज्वैलर्स की ओर से 20 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी की बात सामने आई है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने तक यह आकड़ा 100 करोड़ तक भी पहुंच सकता है।

बीते सप्ताह, डीजीसीईआई ने जोयालुकास पर छापा मारा था, जिसमें पता चला कि इस कंपनी ने अप्रैल से नवंबर तक 5.7 टन सोने का कारोबार किया है। कंपनी पर एक फीसदी एक्साइज ड्यूटी न देने की वजह से टैक्स चोरी का चार्ज है। एक सीनियर एक्साइज ऑफिसर ने बाताया कि कंपनी को 16 करोड़ की टैक्स चोरी के लिए नोटिस जारी किया गया था। डीजीसीईआई की जांच के बाद इस कंपनी ने 10 करोड़ रुपए का टैक्स जमा किया है। इसकी शाखाएं देश के सभी बड़े शहरों के अलावा दुबई और अबू-धाबी में भी स्थित है।

डीजीसीईआई ने दिल्ली स्थित पीपी ज्वैलर्स का भी सर्वे किया और कंपनी से 4.5 करोड़ रुपए की सेंट्रल एक्साइड ड्यूटी जमा करने को कहा है। अधिकारियों के मुताबिक पीपी ज्वैलर ने अप्रैल से नवंबर तक 450 करोड़ के सोने का कारोबार किया। नोटिस के बाद कंपनी ने 2 करोड़ रुपए का टैक्स जमा किया है। यह आकड़ा बड़े सर्राफा कारोबारियों के रिकॉर्ड से लिया गया है। इसके अलावा बड़े स्तर पर सोने की तस्करी भी हुई है।