अमित शाह कराएंगे एमजे अकबर के Metoo प्रकरण की जांच!


नई दिल्ली। Metoo मीटू मुहिम के तहत यौन शोषण के आरोपों से घिरे केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर को लेकर पहली बार बीजेपी आलाकमान की तरफ से प्रतिक्रिया आई है. एक न्यूज़ वेबसाइट की खबर के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने एमजे अकबर को लेकर बयान दिया है.

शाह ने कहा कि अकबर के खिलाफ लगे यौन शोषण के आरोप की जांच होगी. हालांकि शाह ने यह भी कहा कि हमें यह भी देखना होगा कि मंत्री के खिलाफ लगे आरोपों में कितनी सच्चाई है.

शाह ने कहा, देखना पड़ेगा कि यह सच है या गलत. हमें उस शख्स के पोस्ट की सत्यता जांचनी होगी, जिसने आरोप लगाए हैं. आप मेरा नाम भी इस्तेमाल करते हुए कुछ भी लिख सकते हैं.’ हालांकि जांच के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम जरूर सोचेंगे.

शाह ने कहा कि किसी भी असत्यापित आरोपों को मढ़ने का सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म हो सकता है. हालांकि इससे यह भी साफ है कि अकबर पर लगे आरोपों के बाद नकारात्मक संदेश जा रहा है और पार्टी इसे लेकर चिंतित है.

अब विदेशी पत्रकार ने लगाए आरोप
केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री और पूर्व संपादक एमजे अकबर के खिलाफ अब एक विदेशी पत्रकार ने आरोप लगाए हैं. पत्रकार का आरोप है कि एक मीडिया संस्थान में वर्ष 2007 में इंटर्न रहते हुए अकबर ने सीमाएं लांघते हुए यौन दुर्व्यवहार किया.

महिला पत्रकार का आरोप है, ‘उन्होंने मेरी शारीरिक वर्जनाओं को लांघते हुए मेरा और मेरे माता-पिता का भरोसा तोड़ा. पीड़ित का कहना है कि उनके माता-पिता 90 के दशक में दिल्ली में बतौर विदेशी संवाददाता कार्यरत थे और वह उन्हीं के जरिए अकबर से मिली थीं.

उमा भारती बचाव में उतरीं
वहीं एम जे अकबर पर महिलाओं द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने उनका बचाव किया है. विजयराजे सिंधिया ‘राजमाता’ की जन्म शताब्दी के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंची उमा ने संवाददाताओं द्वारा पूछे गए सवाल पर कहा, “वे इस मामले पर कुछ नहीं कहना चाहती.

अकबर से जुड़ा मामला तब का है जब वे केंद्र सरकार में मंत्री नहीं थे. यह मामला पूरी तरह महिला और अकबर के बीच है. लिहाजा वे इस पर कुछ नहीं कह सकती.” पत्रकारों ने जब उमा से पूछा कि आप हमेशा महिलाओं के हितों की बात करती रही है, लेकिन इस मामले में पीछे हट रही हैं. केंद्रीय मंत्री इसके बाद भी इस पर कुछ नहीं बोली और चुप्पी साधे रखी.
जांच के लिए कमिटी

अपने समय के मशहूर संपादक व वर्तमान में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एम.जे.अकबर पर कई महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. पत्रकार प्रिया रमानी द्वारा विदेश राज्य मंत्री एम.जे.अकबर पर आरोप लगाने के एक दिन बाद, उनकी पूर्व सहयोगी प्रेरणा सिंह बिंद्रा, एशियन एज की रेजिडेंट एडिटर सुपर्णा शर्मा, लेखक शुमा राह, पत्रकार शुतपा पॉल और अन्य महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं.केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने #MeToo मूवमेंट के तहत सामने आ रहे मामलों की जांच के लिए कमिटी बनाने की बात कही है.[AGENCY]