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आधार का डाटा लीक होने के बाद सरकार का बड़ा फैसला


नई दिल्ली। आधार कार्ड की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों को देखते हुए अब इसमें कुछ बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। आधार कार्ड और इसके इस्तेमाल को लेकर विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआइ) ढांचागत बदलाव करने जा रहा है। इसके तहत वर्चुअल आइडी की शुरुआत की जाएगी।

अब सुविधाओं का लाभ लेने के लिए 12 अंकों वाला आधार नंबर देना अनिवार्य नहीं होगा। इसके बदले लोग वर्चुअल आइडी का इस्तेमाल कर सकेंगे। यह वर्चुअल आइडी 16 अंकों की होगी और इसे आधार की वेबसाइट से जनरेट किया जा सकेगा।

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इससे लोगों की पहचान सुरक्षित रहेगी। साथ ही “अपने ग्राहक को जानो” की सुविधा को भी सीमित किया जाएगा। वर्चुअल आइडी हर जगह आधार नंबर देने की मजबूरी खत्म कर देगी। इससे आधार के विवरण मसलन नाम, उम्र, पता आदि भी सुरक्षित रखे जा सकेंगे।

देश में 119 करोड़ आधार कार्ड
यूआइडीएआइ ने कहा है कि हाल के दिनों में आधार की निजता को लेकर कई सवाल उठे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए आधार को और मजबूत करने के लिए नई प्रक्रियाएं शुरू की गई हैं। उल्लेखनीय है कि अब तक देश में 119 करोड़ आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं। बैंक, टेलीकॉम, सार्वजनिक वितरण और आयकर जैसे विभागों में इसका उपयोग किया जा रहा है।

एक मार्च से मिलेगी सुविधा
यूआइडीएआइ के अनुसार यह सुविधा एक मार्च से आ जाएगी और एक जून से सभी एजेंसियों को इसे लागू करना अनिवार्य होगा। यदि कोई एजेंसी इसके बाद वर्चुअल आइडी स्वीकार करने से इन्कार करती है, तो उस पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया जाएगा।

क्या है वर्चुअल आइडी
यह 16 अंकों की अस्थायी आइडी होगी, जो आधार नंबर से जनरेट की जाएगी। इससे किसी भी व्यक्ति का आधार नंबर नहीं निकाला जा सकेगा। इससे संबंधित व्यक्ति का एजेंसी को नाम, पता, फोटो का सत्यापन हो जाएगा।

कोई भी व्यक्ति जितनी बार चाहे, वर्चुअल आइडी बना सकेगा। हालांकि, नई आइडी बनते ही पुरानी आइडी खत्म हो जाएगी। जब भी “अपने ग्राहक को जानो” की जरूरत होगी, तब फिंगर प्रिंट के साथ वर्चुअल आइडी का इस्तेमाल किया जा सकेगा। वर्चुअल आइडी की नकल नहीं की जा सकेगी।

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