किसानों के लिए खुश खबर! शिवराज सरकार देगी, यह बड़ी राहत


भोपाल। सूखे की मार का असर खरीफ फसलों पर किस कदर पड़ा है, इसका अंदाजा प्रधानमंत्री फसल बीमा के प्रारंभिक दावों को देखकर लगाया जा सकता है। करीब 22 लाख किसानों को आठ हजार करोड़ रुपए तक सरकार फसल बीमा में बांट सकती है। इसके लिए जिलों से दावे बुलवाने का काम शुरू हो गया है।

उधर, 22 नवंबर को एक क्लिक पर सवा लाख से ज्यादा किसानों को करीब ढाई सौ करोड़ रुपए भावांतर भुगतान योजना के खाते में दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को मंत्रालय में भावांतर भुगतान योजना की वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए समीक्षा की।

इस दौरान उन्होंने कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि जो किसान योजना में शामिल होने से छूट गए थे, उनके लिए 15 से 25 नवंबर तक पोर्टल खोला गया है।

देशभर की निगाह योजना पर लगी है। इसमें किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। मंडियों में विशेष निगाह रखें। उन्होंने छह जिले (भोपाल, सीहोर, देवास, नरसिंहपुर, होशंगाबाद और हरदा) में उड़द के भाव कम होने पर कलेक्टरों से कहा कि मंडियों में दौरे करें। यदि भाव कम लग रहे हैं तो नीलामी निरस्त कर फिर से बोली लगवाएं।

प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा ने बैठक में बताया कि केंद्र सरकार ने राज्यों को तीन लाख टन सोयाबीन खरीदने का लक्ष्य दिया है। वहीं, मध्यप्रदेश में भावांतर योजना में ही 11 लाख टन की खरीदी हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने सूखे के कारण प्रभावित हुई खरीफ फसल के लिए बीमा दावा ठीक ढंग से बनवाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

साथ ही कहा कि इसके लिए सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी की जाएं। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक अनुमानों के हिसाब से करीब 22 लाख किसानों को आठ हजार करोड़ रुपए का फसल बीमा मिल सकता है।

मुख्यमंत्री ने इस पर कहा कि बीमा किसानों के लिए संजीवनी साबित होगा, इसलिए इसमें कोई कसर न छोड़ी जाए। बैठक में ही उन जिलों के कलेक्टरों को आंकड़े दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए, जहां बीमित रकबा और बोवनी के क्षेत्र में अंतर सामने आया था।

Share this...
Share on Facebook0Share on Google+0Tweet about this on Twitter0