चीन को बड़ा झटका, भारत में बनेंगे 50 करोड़ मोबाइल

नई दिल्ली। मोबाइल फोन निर्माण में बीते दो साल भारत के लिए उत्साहजनक रहे हैं। अनुमान है कि अगले तीन साल में मोबाइल बनने का यह आंकड़ा 50 करोड़ तक पहुंच जाएगा और इसके साथ ही दुनिया में चीन का दबदबा भी खत्म हो जाएगा।

आईटी मिनिस्ट्री में अतिरिक्त सचिव अजय कुमार के मुताबिक, 2014 में भारत में 6 करोड़ मोबाइल बने। 2016-17 में यह संख्या बढ़कर 17.5 करोड़ पहुंच गई है। इस तरह हम 2019-20 के वित्तीय वर्ष में 50 करोड़ मोबाइल बनाने की राह पर चल रहे हैं।

अगर मोबाइल उत्पादन का अनुमान सटीक रहा तो आने वाले सालों में चीन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी सरकार ने ‘मेक इन इंडिया’ का नारा दिया था। इससे भारत में माहौल बना ही था कि नोटबंदी हो गई। इसका बुरा असर भी तुरंंत देखने को मिला है। जब भारतीय मोबाइल निर्माता कंपनियां चीनी कंपनियों को चुनौती देने की स्थिति में आने लगी थीं, तब नोटबंदी के झटके ने उन्हें पीछे धकेल दिया। नोटबंदी के कारण पिछले साल सितंबर और दिसंबर में बिजनेस काफी घट गया।

खासतौर पर इंटेक्स, माइक्रोमैक्स और लावा जैसे इंडिया हैंडसेट मेकर्स को बड़ा नुकसान हुआ। इसी दौरान विवो और लेनोवो जैसी चीनी कंपनियों ने बाजार में अपनी पकड़ मजबूत की।

हाल ही में भारतीय स्मार्टफोन वेंडर्स ने चीनी वेंडर्स पर आरोप लगा था कि वे भारत में और भी सस्ते स्मार्टफोन लांच करके यहां का बाजार खराब करने की कोशिश में हैं। भारतीय वेंडर्स का कहना है कि इसका सीधा असर लोकल कंपनियों के बिजनेस पर पड़ा है।(एजेंसी)