पीएम मोदी और शिंजो आबे ने रखी बुलेट ट्रेन की नींव

अहमदाबाद। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और पीएम मोदी अब से कुछ ही देर में देश की पहली बुलेट ट्रेन की आधारशिला रखेंगे। इससे पहले दोनों ने कार्यक्रम स्थल पर बुलेट ट्रेन के मॉडल को देखा और जाना। एक भव्य कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस भी अहमदाबाद पहुंच चुके हैं। कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल के अलावा मुख्यमंत्री और अन्य कई लोग मौजूद हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि बुलेट ट्रेन भारत और जापान के लोगों के भाईचारे की मिसाल होगी। एक समय था जब महात्मा गांधी को ट्रेन से निकाला गया था और आज उसी गंधी की धरती पर बुलेट ट्रेन की नींव रखी जा रही है। जब देश में राजधानी एक्सप्रेस लाई गई तो लोगों ने इसकी आलोचना की थी लेकिन आज हर कोई इसमें सफर करना चाहता है।

वहीं कार्यक्रम में शिरकत करने आए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बुलेट ट्रेन की आधारशीला रखते हुए हम न्यू इंडिया की आधारशीला रख रहे हैं। इसके साथ ही भारतीय रेलवे में ना सिर्फ एक नया अध्याय जुड़ जाएगा बल्कि हजारों लोगों के लिए रोजगार के रास्ते भी खुलेंगे। यह प्रोजेक्ट 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पूरा होते ही अमहदाबाद से मुंबई के बीच की दूर 6 घंटे कम हो जाएगी।

इस प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए पिछले दिनों रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि बुलेट ट्रेन भारतीय रेलवे में वह परिवर्तन लेकर आएगी, जो मारुति कार ऑटोमोबाइल क्षेत्र में लेकर आई थी। इस कदम से रेलवे का कायाकल्प हो जाएगा। उन्होंने कहा था कि मारुति से शुरुआत होने के बाद अब भारत की सड़कों पर एक से बढ़कर एक आधुनिक कार दिखाई देती है।

परंतु रेलवे में ऐसा नहीं हुआ। वह आज भी पुरानी तकनीक पर चल रही है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी ने आते ही देश में बुलेट ट्रेन लाने का निश्चय किया। ताकि रेलवे में भी नई से नई तकनीक आ सके। बुलेट ट्रेन आने से रेलवे में बड़े परिवर्तन देखने को मिलेंगे। इससे आधुनिक तकनीक आने के साथ अर्थव्यवस्था को लाभ के साथ रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे।

50 साल का सबसे सस्ता कर्ज
गोयल के मुताबिक, पीएम मोदी के प्रभाव के कारण भारत को बुलेट ट्रेन के लिए 0.1 फीसद की नगण्य ब्याज दर पर कर्ज मिला है। यह अनुदान जैसा ही है। 50 सालों में शायद ही किसी परियोजना के लिए इतनी सस्ती दर पर ऋण मिला होगा। इस कारण बुलेट ट्रेन की लागत काफी कम होगी। आगे चल कर जब कई बुलेट ट्रेन परियोजनाएं बनेंगी तो लागत और घटेगी। उसी तरह जिस तरह एलईडी बल्बों की लागत घटी है।

2022 में पूरा करने का लक्ष्य
गोयल के अनुसार वैसे तो परियोजना को 2023 में पूरा होना है। लेकिन भारतीय इंजीनियरों की कार्यकुशलता को देखते हुए मुझे भरोसा है कि हम इसे 2022 में ही पूरा करने में कामयाब हो जाएंगे।

जापान ने संजीव सिन्हा को सौंपी जिम्मेदारी
जापान रेलवे ने भारत के संजीव सिन्हा को बुलेट ट्रेन परियोजना का सलाहकार बनाया है। संजीव राजस्थान के रहने वाले हैं और पिछले 20 साल से जापान में रह रहे हैं। अपनी नियुक्ति के बाद सिन्हा ने कहा, “मैं दो सरकारों के बीच सेतु का काम करूंगा। यह महत्वपूर्ण मगर काफी उलझाने वाली है। राजनीतिक इच्छा को जमीन पर उतारने में बहुत कुछ लगता है।”

रातोरात नहीं बना सकते
सिन्हा ने कहा कि तेज रफ्तार वाली बुलेट ट्रेनों को रातोरात नहीं बनाया जा सकता, इसके लिए सावधानी भरी प्लानिंग जरूरी है।