गठबंधन तोडऩा जनादेश का अपमान, महागठबंधन बरक़रार है: शरद यादव

पटना। महागठबंधन टूटने के बाद पहली बार बिहार आए जनता दल यूनाईटेड(जदयू)के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने एक बार फिर पार्टी लाइन से अलग हटकर कहा कि आज भी वह महागठबंधन के साथ हैं। 3 दिवसीय बिहार यात्रा के क्रम में आज पटना के जयप्रकाश नारायण

हवाई अड्डा पहुंचने के बाद यादव ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि गत विधानसभा चुनाव में 2 गठबंधन बना था और दोनों ने अलग-अलग घोषणा पत्र पर चुनाव लड़ा लेकिन उसमें से एक दल ने पाला बदल लिया है, जो उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कभी नहीं देखा। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन आज भी बरकरार है।

गठबंधन तोडऩा जनादेश का अपमान
जदयू के राज्यसभा सांसद ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को जनादेश मिला था। बिहार के 11 करोड़ लोगों ने बड़ी उम्मीद के साथ महागठबंधन को वोट दिया था। इस तरह से गठबंधन को तोडऩा ठीक नहीं। उन्होंने कहा कि गठबंधन तोडऩा जनादेश का अपमान है। पिछले 40 वर्षों से वह सक्रिय राजनीति में हैं और विधानसभा चुनाव में वह स्वयं डेढ़ माह तक लोगों के बीच गये थे।

जेडीयू शरद को कर सकती है निलंबित
सूत्रों के अनुसार शरद को पार्टी से निलंबित किया जा सकता है। जेडीयू राज्यसभा में यादव को पार्टी के नेता पद से हटाने पर भी विचार कर रही है। जब से नीतीश कुमार ने भाजपा से साथ मिलाया है तब से शरद इस फैसले का विरोध कर रहे हैं।

नीतीश कुमार के खिलाफ शरद की इस मुहिम को लालू यादव और उनकी पार्टी से पूरा समर्थन मिल रहा है। इधर जनता दल यूनाइटेड का कहना है कि शरद यादव को जो भी बात कहनी है उन्हें पार्टी प्लेटफॉर्म पर कहना चाहिए।