कोर्ट ने Skype के जरिये करवाया तलाक़!

पुणे। पुणे की अदालत ने एक दंपती को स्काइप के जरिये तलाक दिलाया है। मंगलवार को एक अधिवक्ता ने यह जानकारी दी। पति-पत्नी दोनों सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वे क्रमशः सिंगापुर और लंदन में कार्यरत हैं।

अगस्त, 2016 में उन्होंने पुणे सिविल कोर्ट में हिदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत आपसी सहमति से तलाक की अर्जी दाखिल की थी।
गत शनिवार को तलाक के इस मामले में सुनवाई के लिए पति सिंगापुर से आकर पुणे कोर्ट में पेश हुए। लेकिन नौकरी की शर्तों के चलते पत्नी कोर्ट नहीं पहुंच सकी।

इस पर अधिवक्ता सुचित मुंडाडा ने अदालत से वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई करने की अपील की। अदालत ने उनकी मांग स्वीकार ली और पत्नी को स्काइप के जरिये अपना पक्ष रखने की मंजूरी दे दी।

सुनवाई के बाद कोर्ट ने पति-पत्नी को तलाक की इजाजत दे दी। सुचित ने बताया, युवती (26) मूल रूप से अमरावती और युवक (28) नागपुर के रहने वाले हैं।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के बाद दोनों ने नौ मई, 2015 को शादी की। शादी के एक महीने बाद ही दोनों को विदेश में नौकरी का प्रस्ताव मिला, लेकिन अलग-अलग देशों में।

इसके चलते पति ने सिंगापुर का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया, लेकिन पत्नी पुणे में ही रही। हालांकि बाद में उसे लगा कि शादी उसके कॅरियर के आड़े आ रही है। इसके परिणामस्वरूप दोनों के बीच मतभेद बढ़ने लगे।

30 जून, 2015 से युवती पति से अलग हो गई। पारिवारिक रिश्तों में तनाव बढ़ता देख दोनों ने आपसी सहमति से तलाक लेने का फैसला किया। दोनों ने तलाक के लिए अर्जी दाखिल की।

इसके बाद पत्नी भी नौकरी करने लंदन चली गई। नई नौकरी की शर्तों के तहत वह कोर्ट में सुनवाई के लिए हाजिर नहीं हो सकती थी।
इसके बाद पत्नी की ओर उसके वकील ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई करने की अपील की। जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।