नहीं खुलेगी नई शाखाए, बैंक की 126 ब्रांच में महिलाओं का राज

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) ने अपने साथ छह बैंकों के विलय की तैयारी शुरू कर दी है। लेकिन उसने साफ कर दिया है कि विलय के बावजूद इन छह सरकारी बैंकों की एक भी शाखा को बंद नहीं किया जाएगा। न ही किसी कर्मचारी की छंटनी होगी।

हां, विलय के बाद एसबीआइ अपनी शाखाओं को बड़े पैमाने पर समायोजित करने जा रहा है। यानी हर शाखा की समीक्षा की जाएगी। एक अख़बार के साथ हुई बातचीत में एसबीआइ की चेयरमैन अरुंधती भट्टाचार्य ने स्पष्ट करते हुए कहा, “जहां हमारी शाखा नहीं है वहां मौजूदा शाखाओं को स्थानांतरित किया जाएगा। कई नई शाखाएं खोली जाएंगी जिनमें मौजूदा कर्मचारियों को स्थानांतरित किया जाएगा।”

सरकार के फैसले के बाद भारतीय स्टेट बैंक में इसके पांच सब्सिडियरी- स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर व जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर और भारतीय महिला बैंक (बीएमबी) के विलय का फैसला किया गया।

भट्टाचार्य ने बताया कि इन छह बैंकों और एसबीआइ की लगभग 1800 शाखाएं ऐसी हैं जो एक दूसरे के नजदीक हैं। लेकिन हमने उन जगहों की पहचान शुरू कर दी है जहां नई ब्रांच खोली जाएंगी। इसके साथ ही मौजूदा कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर प्रशिक्षित करने का काम भी शुरू होगा।

अभी एक उद्योग व एक ही मुख्य शेयरधारक होने के बावजूद हर बैंक की अपनी-अपनी कार्यशैली थी। इस वजह से सभी कर्मचारियों का नए सिरे से तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विलय प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए कुल छह नई समितियां बनाई गई हैं। पूरी तरह से विलय होने में दो वर्ष तक का समय लग सकता है।

भट्टाचार्य ने बताया कि भारतीय महिला बैंक के लिए भी बैंक अलग से विशेष तैयारी कर रहा है। इस बैंक की स्थापना दिल्ली दुष्कर्म कांड के बाद सरकार ने महिलाओं को आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनाने के लिए की थी।

भट्टाचार्य ने कहा कि एसबीआइ ने पिछले वर्ष के दौरान 46 हजार करोड़ रुपये का कर्ज महिलाओं को दिया है और जबकि बीएमबी ने पिछले तीन वर्षों में सिर्फ 1090 करोड़ रुपये का कर्ज ही दिया है।

विलय के बाद एसबीआइ महिलाओं को कर्ज देने की नई मुहिम शुरू करेगा जिसका खाका तैयार किया जा रहा है। साथ ही महिलाओं के लिए विशेष बैंक शाखाएं भी खोली जाएंगी। अभी एसबीआइ के पास 126 ऐसी शाखाएं हैं जिनका संचालन पूरी तरह से महिलाएं कर रही हैं। इनकी संख्या भी बढ़ाई जाएगी।

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