सिल्वर जीते तो 65 करोड़, गोल्ड जीते तो 70 लाख

भारत के खिलाड़ी हमेशा सुविधाओं का रोना रोते रहते हैं, लेकिन अगर कभी इसका आकलन किया जाए तो पता चलता है कि स्थितियां इतनी भी दुरूह नहीं हैं जितनी बताई जाती हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि रियो ओलिंपिक में महिला एकल बैडमिंटन का स्वर्ण पदक जीतने वाली स्पेनिश स्टार कैरोलिना मारिन को उनकी देश की सरकार की तरफ से सिर्फ 94000 यूरो (लगभग 70 लाख रुपए) मिले, जबकि उनसे हारकर रजत पदक जीतने वाली भारतीय महिला खिलाड़ी पीवी सिंधू ने करीब 65 करोड़ रुपए की कमाई की।

सिंधू के रजत पदक जीतने के बाद भारत ने उनको सिर आंखों पर बैठा लिया और केंद्र सरकार के साथ देश की राज्य सरकारों ने कुल मिलाकर उन्हें 13 करोड़ रुपए का नगद पुरस्कार दिया। इसमें दिल्ली सरकार भी थी जो अपने राज्य के खिलाड़ियों को तैयार करने में कोई खास कदम नहीं उठा पाई है, लेकिन हैदराबाद की सिंधू को उसने दो करोड़ रुपए का चेक दिया।

इसके अलावा सिंधू को आंध्र प्रदेश व तेलंगाना सरकार की तरफ से जमीन दी गई। हैदराबाद बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष वी. चामुंडेश्वरनाथ ने सचिन के हाथों उन्हें 75 लाख रुपए की कीमत वाली बीएमडब्ल्यू कार दी। इसके साथ ही उन्होंने बेसलाइन वेंचर्स के जरिए करीब 50 करोड़ की प्रमोशनल डील पर हस्ताक्षर किए।

ये दोनों ही खिलाड़ी देश में हो रही प्रो बैडमिंटन लीग (पीबीएल) में खेल रही हैं। पीबीएल का दिल्ली चरण गुरुवार से शुरू होगा। इसकी प्रेस वार्ता में आईं मारिन ने कहा- मुझे पता है कि सिंधू को एक शानदार कार, बहुत बड़ी इनामी राशि मिली है। मुझे भी इनामी राशि मिली है, लेकिन इसकी सिंधू से तुलना नहीं की जा सकती। यह रकम उसके करीब भी नहीं है। मेरे लिए यह बिल्कुल अलग है।

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