मोदी के मंत्री बोले, क्रिकेट में भी मिले ‘आरक्षण’

जयपुर। केंद्र में मंत्री पद की शपथ लेते समय अपना ही नाम भूलने वाले केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने मंगलवार को राजस्थान की राजधानी जयपुर में आरक्षण का नया मुद्दा उठाया है।

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के इस मंत्री का कहना है कि क्रिकेट में रिजर्वेशन लागू होना चाहिए, यही नहीं राज्य मंत्री ने कहा कि मैंने क्रिकेट के साथ अन्य खेलों में भी आरक्षण लागू करने की बात पहले भी कही थी क्यों कि इससे दलित समुदाय की प्रतिभाओं को भी खेलने का अवसर मिलेगा। राजधानी के खासा कोठी में मीडिया से बातचीत में अठावले ने कहा खेलों में रिजर्वेशन के लिए संविधान संशोधन की बात भी कही।

अठावले ने शपथ लेते समय की ये गलती: केंद्र में मंत्री पद की शपथ लेते समय रामदास अठावले ने बिना अपना नाम लिए शपथ पढ़ना शुरू कर दिया था। इस पर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने उनकी गलती ठीक करते हुए कहा था, ‘अपना नाम बोलिए’ इस पर अठावले रूके और बोले, ‘सॉरी, सॉरी’ कहते हुए शपथ पत्र पढ़ा था। बता दें कि अठावले महाराष्ट्र से राज्य सभा सांसद हैं और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष भी हैं।

इंटरकास्ट मैरिज पर सरकारी नौकरी और जमीन: राज्य मंत्री ने खेलों में रिजर्वेशन के साथ ही इंटरकास्ट मैरिज करने वाले को सरकारी नौकरी और जमीन दी जाने की भी वकालत की। साथ ही अठावले ने कहा कि उनका मंत्रालय जल्द ही विधवा पेंशन के लिए उम्र सीमा भी करने का फैसला करने जा रहा है। फिलहाल, 40 साल से कम उम्र की विधवाओं को पेंशन लाभ नहीं मिलते हैं और सरकार अब इस उम्र को घटाकर 19 तक करने का विचार कर रही है।

छात्र-छात्राओं को मिले रहने-खाने का खर्चा: अठावले ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के हॉस्टल्स में एडमिशन नहीं मिलने पर आरक्षित वर्ग के स्टूडेंट्स को रहने-खाने का खर्चा भी दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग के हॉस्टल्स में सीटों की संख्या बेहद कम है और ऐसे में स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप के साथ रहने-खाने का खर्चे के लिए अतिरिक्त राशि दी जानी चाहिए।

राजपूतों और ब्राह्मणों को आर्थिक आधार पर मिले आरक्षण: आरक्षण पर मोदी सरकार के राज्य मंत्री ने और भी कई मुद्दे उठाए, उन्होंने राजपूतों और ब्राह्मणों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की पैरवी की।

सरकार दिलाए आरक्षण: उन्होंने गुर्जर आरक्षण मामले में कहा कि राज्य सरकार को संविधान संशोधन करवाकर आरक्षण दिलवाना चाहिए। ने कहा कि एससी-एसटी को छेड़े बगैर भी गुर्जरों को 25 फीसदी तक आरक्षण दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यूपी समेत कई राज्यों में 50 फीसदी से अधिक आरक्षण की व्यवस्था पहले से ही है।